सुक्खू सरकार का बड़ा स्वास्थ्य कदम: ‘सुरक्षित अन्न-निरोगी जन अभियान’ के तहत हिमाचल न्यूट्रिशन पॉलिसी लागू, 10 साल में कुपोषण घटाने का लक्ष्य

3 Min Read

शिमला। हिमाचल में कुपोषण, अनीमिया और बदलती जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने पोषण को जनस्वास्थ्य और विकास से जोड़ने की पहल की है।

शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में सुरक्षित अन्न-निरोगी जन अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश न्यूट्रिशन पालिसी-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पहाड़ी खानपान को आंगनबाड़ी से स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी है।

10 वर्षों में हुआ है बड़ा बदलाव

नीति के तहत 10 वर्ष में बच्चों में बौनेपन की दर 10 प्रतिशत से कम, दुबलेपन की पांच से कम और कम वजन की दर आठ प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा है। खाद्य सुरक्षा के लिए कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को उन्नत करने और मोबाइल फूड एवं वाटर टेस्टिंग लैब के माध्यम से मौके पर जांच की व्यवस्था पर जोर दिया है।

चावल, आटा, तेल, दूध और नमक जैसे खाद्य पदार्थों में आयरन, फोलिक एसिड तथा विटामिन ए और डी जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने की पहल भी नीति का हिस्सा है।

अब थाली में सजेगा पहाड़ी खाना

पारंपरिक हिमाचली खाद्य पदार्थों को पोषण योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कोदा, फाफरा, राजमाह, कुलथ, चौलाई, चिलगोजा और मौसमी फलों को पीएम पोषण तथा आंगनबाड़ी योजनाओं में बढ़ावा देने की बात कही है।

पर्वतीय, जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार जिला स्तर पर पोषण कार्ययोजनाएं बनाने पर भी जोर है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण छह के आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है, फिर भी राज्य में कुपोषण के दोहरे बोझ से निपटना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

क्या आने वाले 10 सालों का लक्ष्य

10 साल में बौनापन 10 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य, छह विभाग संभालेंगे पोषण की कमान l न्यूट्रिशन पालिसी-2026 में बच्चों-महिलाओं के पोषण पर जोर, मोटापा भी बड़ी चुनौती मौजूदा कुपोषण के आंकड़े और राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति l

बौनापन : 20.6 प्रतिशत (राष्ट्रीय औसत 29.3) l कम वजन/दुबलापन : 10.4 प्रतिशत (राष्ट्रीय औसत: 19) l कम वजन : 16.8 प्रतिशत (राष्ट्रीय औसत 31.8) l गंभीर तीव्र कुपोषण 2.4 प्रतिशत (राष्ट्रीय औसत: 5.2) l अतिरिक्त मोटापा : 2.7 प्रतिशत (राष्ट्रीय औसत: 1.3)।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *