चंडीगढ़ में कांग्रेस ने दिखाया एकजुटता का दम: परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में एक मंच पर नजर आए तमाम बड़े नेता

adminnationalsanjay
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चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने रविवार को चंडीगढ़ में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। प्रदेश कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में पार्टी के लगभग सभी प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आए।

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, भारत भूषण आशू सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। करीब दो घंटे तक चले समारोह में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत नेताओं ने अपने विचार रखे और विधानसभा चुनाव में मिलकर लड़ने का संकल्प जताया।

पार्टी के भीतर प्रदेश प्रधान के बदलाव और गुटबाजी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह पहला बड़ा मौका रहा, जब लगभग सभी प्रमुख नेता एक मंच पर दिखाई दिए।

मंच से नेताओं ने एक-दूसरे को साथ लेकर चलने और संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की बात कही। हालांकि, नेताओं के संबोधनों में अपने-अपने कार्यकाल और संगठन में योगदान को लेकर संदेश भी स्पष्ट दिखाई दिए।

पायलट बोले- पिछले चार साल की मेहनत बेकार नहीं जाएगी

पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि अगले चार महीने केवल सत्ता में वापसी की तैयारी का समय नहीं, बल्कि पंजाब में बदलाव के लिए काम करने का अवसर हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेहनत की है, उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उस दौर में भी नेताओं ने काम किया, जब पार्टी को मुश्किल राजनीतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था।

पायलट ने सभी नेताओं को साथ लेकर चलने और सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उनका जोर इस बात पर रहा कि पार्टी के सभी नेता अपनी जिम्मेदारी निभाएं और चुनाव की तैयारी में जुटें।

राजा वड़िंग ने कार्यकाल की अनदेखी नहीं करने की बात कही

पूर्व प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए काम किया है, उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके इस संदेश को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में हुए बदलाव के बीच पुराने नेतृत्व और उसके समर्थकों की भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं, नए प्रधान परगट सिंह ने कहा कि सभी नेता मिलकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने अपनी टीम को मजबूत बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। पंजाब और पंजाबियों के हित पार्टी की प्राथमिकता होने चाहिए।

बाजवा बोले- सभी को साथ लेकर चलना होगा

वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी सभी नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत बताई। उन्होंने पुराने मतभेदों और नेताओं के बीच पहले हुए घटनाक्रम का संदर्भ देते हुए कहा कि समय के साथ बदलाव होते रहते हैं। ऐसे में पुरानी बातों को पीछे छोड़कर संगठन के हित में आगे बढ़ना चाहिए।

मान सरकार पर भी साधा निशाना

समारोह में नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार को भी निशाने पर लिया। परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के फैसलों पर दिल्ली का नियंत्रण है। उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों और विधायकों के इंटरनेट मीडिया पर जारी होने वाले संदेशों तक के लिए दिल्ली से मंजूरी लेनी पड़ती है। ये आरोप प्रदेश कांग्रेस के नए प्रधान ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लगाए।

कुल मिलाकर, परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाकर संगठनात्मक एकजुटता दिखाने का प्रयास किया। अब चुनौती इस एकजुटता को जमीनी स्तर पर कायम रखने और विधानसभा चुनाव की तैयारी में बदलने की होगी।

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